मनोविज्ञान और शिक्षार्थी के अंतरसंबंध को दर्शाइए ?

मनोविज्ञान और शिक्षार्थी के अंतरसंबंध को दर्शाइए ?

पर्यावरण का निर्माण करता है, जिसके अन्तर्गत बच्चे स्वयं सीखते है । अतः आज शिक्षक केवल ज्ञान सम्प्रेषक नहीं है वह तो सीखने के लिये परिस्थितियों का निर्माण करता है ।

मनोविज्ञान और शिक्षार्थी
मनोविज्ञान ने यह स्पष्ट किया है कि बालक की शिक्षा उसकी जन्मजात शक्तियों और बाह्य पर्यावरण पर निर्भर करती है मनोविज्ञान ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जन्मजात शक्तियां रुचियां, रुझान भिन्न भिन्न आयु वर्ग में भिन्न होता है । अत: उसकी शिक्षा के समय उसका ध्यान रखना चाहिए ।

मनोविज्ञान और विद्यालय

मनोविज्ञान ने विद्यालयों की प्रकृति को प्रभावित किया है । पूर्व के शिक्षकों का विद्यालय में कठोर नियंत्रण रहता था । सभी के लिये एक ही पाठ्यचर्या होती, एक ही शिक्षण विधि से पढ़ाया जाता । मनोविज्ञान के प्रभाव में आज विद्यालय में भय पूर्ण वातावरण के स्थान पर प्रेम, सहानुभूति पूर्ण पर्यावरण के निर्माण पर बल दिया जात है ।।

मनोविज्ञान और शिक्षा के अन्य समस्याएँ

मनोविज्ञान ने शिक्षार्थी की योग्यता, रुचि, क्षमता, रुझान की जांच करने हेतु उचित विधियों का विकास किया है । जिनकी सहायता से सभी बालकों को शैक्षिक, व्यावसायिक निर्देशन देना सम्भव हुआ है । इतना ही नहीं मनोविज्ञान ने शैक्षिक, उपलब्धि मापन, की विश्वसनीय, वस्तुनिष्ठ, विधियों का विकास किया है ।

शिक्षा का मनोविज्ञान पर प्रभाव

शिक्षा द्वारा मनोविज्ञान का अध्ययन संभव होता है।
मनोविज्ञान में मनुष्य व्यवहार के घटक, कारक, प्रेरक व नियन्त्रक तत्वों का अध्ययन किया जाता है । इस अध्ययन के लिए निरीक्षक, विश्लेषण एवं संश्लेषण, आदि शक्तियों की।
आवश्यकता होती है जिनका विकास शिक्षा द्वारा किया जाता है । अतः स्पष्ट होता है कि शिक्षा द्वारा ही मनोविज्ञान का अध्ययन सम्भव हो पाता है ।।

शिक्षा द्वारा मनोविज्ञान का ज्ञान सुरक्षित रखा जाता है ।
मनोविज्ञान के क्षेत्र में जितने भी तथ्यों की जानकारी सिद्धान्तों व नियमों का निश्चय होता है, वह आने वाली पीढ़ी में शिक्षा के द्वारा हस्तान्तरित होते रहते है और उस ज्ञान को सुरक्षित रखा जा सकता है ।

 शिक्षा मनोविज्ञान की विषयवस्तु में वृद्धि एवं विकास करती है।
शिक्षा मनोविज्ञान के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देती है और नई-नई शोधों के लिये अवसर प्रदान करती है, और इन शोधों के निष्कर्ष के आधार पर मनोविज्ञान के क्षेत्र में निरन्तर विकास हो रहा है, और उसकी विषय वस्तु में वृद्धि हो रही है ।

 शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ एवं परिभाषा

शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की एक अत्यन्त महत्वपूर्ण शाखा है यह दो शब्दों से मिलकर बना शिक्षा तथा मनोविज्ञान । अतः शिक्षा मनोविज्ञान का शाब्दिक अर्थ शिक्षा से सम्बन्धित मनोविज्ञान से है । शिक्षा का सम्बन्ध मानव के व्यवहार में परिवर्तन से होता है । जबकि मनोविज्ञान का सम्बन्ध व्यवहार के अध्ययन से होता है । अतः मानव के व्यवहार को संशोधित करने के लिये मानव व्यवहार के अध्ययन के आवश्यकता होती है | मानव के व्यवहार को उन्नत बनाने की दृष्टि से व्यवहार का अध्ययन किया जाता है । इसीलिए अध्ययन की इस शाखा को शिक्षा मनोविज्ञान के नाम से सम्बोधित किया जाता है । इसलिए कहा जाता है कि शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है । दूसरे शब्दों में शैक्षणिक समस्याओं का वैज्ञानिक व तर्कसंगत ढंग से समाधान करने के लिये मनोविज्ञान के आधारभूत सिद्धान्तों का उपयोग करना ही शिक्षा मनोविज्ञान की विषयवस्तु है । शिक्षा तथा मनोविज्ञान में सम्बंध को इस प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है :शिक्षा
मनोविज्ञान (Education)
(Psychology)
व्यवहार का परिवर्तन (Modification of behaviour)
व्यवहार का अध्ययन (Study of behaviour)
व्यवहार के परिमार्जन के लिए व्यवहार का अध्ययन (शैक्षिक परिस्थिति में व्यवहार का अध्ययन)
(Study of behaviour to modify it) (Study of Behaviour in Edcational Selling)

शिक्षा मनोविज्ञान (Educational Psychology)

 शिक्षा और मनोविज्ञान की परिभाषा शिक्षा मनोविज्ञान के सम्बन्ध में विद्वानों के द्वारा व्यक्त की गई परिभाषाएँ निम्नलिखित हैअनेक विद्वानों ने शिक्षा मनोविज्ञान की परिभाषा में बांधने का प्रयास किया है । कालेसनिक महोदय ने इसे बहुत संक्षिप्त रुप में परिभाषित किया है । उनके शब्दों में”शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में मनोविज्ञान की खोजों और सिद्धान्तों का प्रयोग है ।

” (Educational Psychology is the application of findings and theories of psychology in the field of education.”) -(W.B. Kolesnik)

स्कीनर के अनुसार – “शिक्षा मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षण तथा अधिगम से सम्बन्धित होती है ।”

(“Educational psychology is the branch of psychology which deals with teaching and learning”.) -(B.F. Skinner)

ट्रो के अनुसार”शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों के मनोवैज्ञानिक पक्ष का अध्ययन है” (“Educational Psychology is the study of the Psychological aspects of educational situation”.) (-Tro)

स्टीफन के अनुसार – “शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक विकास का क्रमबद्ध अध्ययन है ।”

“Educational psychology is the systematic study of educational growth.” – (Stiphen)

क्रो एवं क्रो के अनुसार – “शिक्षा मनोविज्ञान के व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के सीखने के अनुभवों का वर्णन तथा व्याख्या करता है ।”

“Educational psychology describes and explains the learning experiences of an in individual from birth thorough old age”.- (Crow and Crow)

शिक्षा मनोविज्ञान की उपरोक्त सभी परिभाषाओं के अवलोकन से कहा जा सकता है कि शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है । दूसरे शब्दों
मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षा प्रक्रिया का संचालन करने की दृष्टि से मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों तथा नियमों का अध्ययन करती है । उपरोक्त परिभाषाओं से शिक्षा मनोविज्ञान की निम्नलिखित विशेषता परिलक्षित होती है :
1. शिक्षा मनोविज्ञान का मुख्य केन्द्र मानव व्यवहार है ।।

2. शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा प्रक्रिया को सरल,तथा द्रुत बनाकर शिक्षण अधिगम का मार्ग प्रशस्त करता है ।

3. शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है ।।

4. शिक्षा मनोविज्ञान के अन्तर्गत सामान्य मनोविज्ञान के मूलभूत सिद्धान्तों तथा विधियोंका उपयो ग किया जाता है ।।

5. शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति वैज्ञानिक है अर्थात् शिक्षा मनोविज्ञान अपने अध्ययन के लिये वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करता है । उपरोक्त वर्णित शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति के आधार पर शिक्षा मनोविज्ञान सरल रुप में निम्नानुसार परिभाषित किया जा सकता है । शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन शिक्षण, अधिगम, प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने का विज्ञान है ।

(Educational Psychology is the science of making learning process simple, convenient and efficient by studying human behavior in Educational setting)
यदि हम शिक्षा मनोविज्ञान को और अधिक स्पष्ट रुप में परिभाषित करना चाहें तो इस प्रकार कर सकते है | शिक्षा मनोविज्ञान वह विज्ञान है जिसमें मनुष्य की अभिवृद्धि, विकास एवं अधिगम सम्बन्धी सिद्धान्तों एवं और उसकी शारीरिक एवं मानसिक योग्यताओं एवं क्षमताओं के स्वरुप तथा उनकी मापन विधियों का अध्ययन किया जाता है और मनुष्य को शिक्षा के क्षेत्र में अनुप्रयोग कर उसकी शिक्षा को प्रभावशाली बनाने की विधियाँ स्पष्ट की जाती है ।

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